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Showing posts from February, 2023

Dosti

  कुछ इस तरह शामिल है मेरी ज़िन्दगी में दोस्तों, तुम भी हो, हम भी हैं, फिर भी अकेले हैं हम। दोस्ती के नाम पर कुछ लोग तो दोस्ती बेचते हैं, जब साथ होते हो तब इसे तो दोस्ती कहते हो। हर रात के अंधेरे में सबसे अच्छा होता है दोस्त, वो जो हमारी राहों में अकेलापन मिटा दे। कुछ लोग आते हैं हमारी ज़िन्दगी में, और कुछ ख़ास लोग हमेशा के लिए रह जाते हैं। कुछ लोग दोस्ती की वजह से आते हैं, और कुछ लोग वजह नहीं, बस दोस्त होते हैं। दोस्ती तो सिर्फ एक शब्द है, लेकिन इसकी एहमियत जानने वाले कम हैं। दोस्ती से बड़ी दुनिया में कुछ भी नहीं होता, दोस्ती ही तो हमें हमारी मंज़िल तक पहुंचाती है।

Nice story

 सोमनाथ का मन्दिर लूट कर महमूद गजनबी वापिस गजनी जा रहा था। उसके साथ एक लाख सेना थी। एक पड़ाव पर जैसे ही सेना पहुँची कि डेढ़ सौ घुड़सवारों का एक जत्था लोहा लेने के लिये तीर की तरह बढ़ता आ रहा था । टुकड़ी का नेतृत्व एक सत्तर वर्ष का बूढ़ा राजपूत कर रहा था । महमूद गजनबी समझ नहीं सका कि इतनी छोटी टुकड़ी आखिर क्यों एक लाख सेना से लड़ कर अपने को समाप्त करने आ रही है। उसने दूत भेजा और इन लड़ाकुओं का मंतव्य पुछवाया। बूढ़े नायक ने कहा— बादशाह से कहना कि संख्या और साधन बल में इतना अन्तर होने पर भी लड़ने का क्या परिणाम हो सकता है सो हम जानते हैं। पर भूलें यह भी नहीं कि अनीति को जीवित रहते कभी सहन नहीं करना चाहिये। घुड़सवारों की टुकड़ी जान हथेली पर रख कर इस तरह लड़ी कि डेढ़ सौ ने देखते−देखते डेढ़ हजार को धराशायी बना दिया। भारी प्रतिरोध में वह दल मर खप कर समाप्त हो गया। पर मरते दम तक वे कहते रहे कि यदि हम आज एक हजार भी होते तो इन एक लाख से निपटने के लिये पर्याप्त थे । इस बिजली झपट लड़ाई का महमूद पर भारी प्रभाव पड़ा। वह राजपूतों की अद्भुत वीरता पर अवाक् रह गया। भविष्य की नीति निर्धारित करते हुए ...

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